मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार सुबह एक इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय शोरूम के ऊपर बने फ्लैट्स में रह रहे छह परिवारों के करीब 20 लोग इमारत में फंस गए। हालांकि, पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
यह घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र के खालसा चौक के पास सुबह करीब 7 बजे हुई। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।
धुएं से खुली नींद, नीचे दिखीं आग की लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ग्राउंड फ्लोर पर स्थित इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में लगी थी। उस समय ऊपरी मंजिलों पर बने फ्लैट्स में लोग सो रहे थे। शोरूम से उठे धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद उनकी नींद खुली।
जब उन्होंने नीचे देखा तो शोरूम आग की लपटों में घिरा हुआ था। आग की वजह से मुख्य सीढ़ियां भी प्रभावित हो गईं, जिससे फ्लैट्स में रहने वाले लोग नीचे नहीं उतर सके और इमारत में फंस गए।
पड़ोसियों ने दिखाई बहादुरी
चीख-पुकार सुनकर पास की एक बहुमंजिला इमारत के निवासी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने दोनों इमारतों की छतों के बीच सीढ़ियां लगाकर अस्थायी रास्ता तैयार किया। साथ ही खिड़कियों और लोहे के एंगल से रस्सियां बांधकर दूसरी इमारत तक पहुंचाई गईं।
इन सीढ़ियों और रस्सियों की मदद से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ लोग सीढ़ियों के जरिए दूसरी इमारत की छत पर पहुंचे, जबकि कुछ को रस्सियों के सहारे नीचे उतारा गया।
सभी लोग सुरक्षित, शोरूम का भारी नुकसान
राहत की बात यह रही कि आग फ्लैट्स तक नहीं पहुंची, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और घरों का सामान भी सुरक्षित बच गया। हालांकि, शोरूम में रखे सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए।
एक घंटे में आग पर पाया काबू
फायर ब्रिगेड अधिकारी शोभाराम मालवीय ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत और दो टैंकर पानी की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। मामले की जांच की जा रही है।
शोर सुनकर जागे लोग
फ्लैट में रहने वाले भानु सिंह और निशा सिंह ने बताया कि वे मूल रूप से शिवपुरी के रहने वाले हैं और करीब ढाई साल पहले इंदौर आए थे। आग लगने के समय वे सो रहे थे। बाहर से लोगों द्वारा आवाज लगाने और खिड़कियों पर पत्थर मारने के बाद उन्हें घटना की जानकारी मिली।
वहीं, बेंगलुरु निवासी चेतन, जो इंदौर में किराए के फ्लैट में रह रहे हैं, ने बताया कि वे भी लोगों के शोर-शराबे के कारण जागे और फिर सुरक्षित बाहर निकल पाए।
पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा
गौरतलब है कि इससे पहले इंदौर में ही एक इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान कथित शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना सामने आई थी। उस हादसे में एक तीन मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग सिस्टम की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
