नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की भावुक अपील की है। उन्होंने एक खुला पत्र जारी कर कहा कि इस मुद्दे का समाधान आमरण अनशन से नहीं, बल्कि संसद और लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से निकलना चाहिए।
सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी सेहत लगातार बिगड़ने की खबरों के बीच विपक्ष के कई नेताओं के बाद अब शशि थरूर ने भी उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है।
थरूर ने लिखा भावुक खुला पत्र
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर छात्रों और युवाओं के नाम एक खुला पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि वह इस मुद्दे पर केवल सांसद के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर बोल रहे हैं, जिसने मध्यमवर्गीय परिवार की चुनौतियों को करीब से देखा है।
थरूर ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार के लिए मेरिट, निष्पक्ष परीक्षाएं और ईमानदार परिणाम ही आगे बढ़ने का एकमात्र माध्यम थे। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठते हैं, पेपर लीक होते हैं और छात्रों का भरोसा टूटता है, तो सबसे अधिक नुकसान गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को होता है।
वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील
अपने पत्र में थरूर ने सोनम वांगचुक से कहा कि उन्होंने देश की अंतरात्मा को झकझोरने का काम किया है और अब आगे की लड़ाई लोकतांत्रिक मंचों पर लड़ी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने वाला है, जहां छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकता है। उन्होंने वांगचुक से आग्रह किया कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करें, क्योंकि देश को आगे भी उनकी आवाज और नेतृत्व की आवश्यकता है।
सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग
शशि थरूर ने केंद्र सरकार से भी अपील की कि वह आंदोलन कर रहे छात्रों और प्रतिनिधियों के साथ संवाद शुरू करे। उनके अनुसार लोकतंत्र में बातचीत के जरिए समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है और सरकार को इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
लगातार बिगड़ रही है सोनम वांगचुक की तबीयत
आंदोलन से जुड़े संगठन का दावा है कि भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का वजन करीब 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है। बताया गया है कि उनकी मांसपेशियों पर भी असर पड़ा है और वे लगातार शारीरिक तकलीफ से गुजर रहे हैं, लेकिन उन्होंने फिलहाल अनशन समाप्त करने से इनकार किया है।
कई विपक्षी नेताओं ने भी की अपील
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी नेताओं ने भी सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की है।
इधर आंदोलन से जुड़े संगठनों ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकालने की घोषणा भी की है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
