लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दोनों नेता विदेश घूम रहे हैं और जनता को यह जानने का अधिकार है कि इन यात्राओं का खर्च कौन उठा रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष समाज को बांटने की राजनीति कर रहा है।
विदेश यात्राओं पर उठाए सवाल
एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी विदेश यात्राओं पर हैं, लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि इन दौरों का खर्च किसके पैसे से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को जनता की समस्याओं से अधिक विदेश यात्राओं में रुचि है और वे देश में समाज को जाति और अन्य मुद्दों के आधार पर विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं।
कानून व्यवस्था पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण रहती थी। कई स्थानों पर तनाव और कर्फ्यू जैसी परिस्थितियां बन जाती थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सभी धर्मों के लोग अपने-अपने त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा, शोभायात्रा, कृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा और रामनवमी जैसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने की बातें होती थीं, जबकि अब धार्मिक आयोजनों का शांतिपूर्ण संचालन हो रहा है।
राम मंदिर और अयोध्या का भी किया जिक्र
राम मंदिर के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में हाल में सामने आई चढ़ावा चोरी की घटना से रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने स्वतंत्र एसआईटी का गठन किया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दो लोगों ने अपने पद से इस्तीफा भी दिया।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, वही आज इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं।
विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने पहले धार्मिक स्थलों और आस्था से जुड़े मामलों में बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अब धार्मिक आस्था और मंदिरों की सुरक्षा की बात कर रहे हैं, जबकि उनका पूर्व का रुख अलग रहा है।
बयानों पर बढ़ी सियासी हलचल
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। विपक्षी दलों की ओर से इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। विदेश यात्राओं, कानून व्यवस्था और राम मंदिर जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।