Char Dham Yatra को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए भ्रामक संदेश, वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पर्यटन विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि यात्रा से जुड़ी गलत जानकारी न केवल श्रद्धालुओं को भ्रमित करती है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और जनभावनाओं को भी प्रभावित कर सकती है।
फेक कंटेंट पर रहेगी कड़ी निगरानी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर संदेश और वीडियो पर पैनी नजर रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति यात्रा से जुड़ी फर्जी जानकारी पोस्ट या शेयर करता है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
साइबर अपराध रोकने के लिए हेल्पलाइन
यात्रा के दौरान साइबर अपराधों को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। खासकर फर्जी वेबसाइटों के जरिए हेली टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी के मामलों पर तुरंत कार्रवाई होगी। शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया गया है। इसके अलावा देहरादून साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में फोन और ईमेल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
स्वास्थ्य और तैयारी के निर्देश
पर्यटन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले पूरी तैयारी करें।
- कम से कम 7 दिन का यात्रा प्लान बनाएं
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड और कम ऑक्सीजन को ध्यान में रखें
- यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराएं
- रोजाना 20-30 मिनट पैदल चलने और श्वसन व्यायाम का अभ्यास करें
- 55 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है
‘सचेत’ ऐप से मिलेगा अलर्ट
प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का ‘सचेत’ मोबाइल ऐप उपयोगी रहेगा। यह ऐप लोकेशन के आधार पर रियल टाइम अलर्ट प्रदान करेगा।
टोकन सिस्टम से होंगे दर्शन
धामों में दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई है। पंजीकरण के बाद श्रद्धालुओं को कुछ ही सेकंड में टोकन मिल जाएगा। विभिन्न प्रमुख स्थलों पर टोकन वितरण और सत्यापन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
QR कोड आधारित आईडी
ऑफलाइन पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं को यूनिक QR कोड युक्त आईडी टिकट जारी किए जा रहे हैं। इन्हें आधार प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक और फेस आईडी से जोड़ा गया है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बन सके।
पर्यटन सचिव ने कहा कि सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से ही चारधाम यात्रा का सुचारु संचालन संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
