लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लखनऊ जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए विशेष अभियान चलाकर अवैध और मानकों के विपरीत संचालित कोचिंग संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को अलीगंज स्थित एक चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों समेत 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद योगी सरकार ने प्रदेशव्यापी सुरक्षा ऑडिट और जांच अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अवैध कोचिंग संस्थानों पर होगी कार्रवाई
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में विशेष अभियान चलाकर अवैध रूप से संचालित कोचिंग संस्थानों की पहचान करें। खासतौर पर संकरी गलियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर चल रहे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के निर्देशों के बाद उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव ने शासनादेश जारी कर सभी जिलों में व्यापक सर्वेक्षण कराने और कोचिंग संस्थानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
72 जिलों में 3172 कोचिंग संस्थानों का होगा सुरक्षा ऑडिट
सरकार के अनुसार प्रदेश के 72 जिलों में कुल 3172 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं। इन सभी का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकरण के बिना संचालित संस्थानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए सुरक्षा मानकों, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की संख्या पर भी उठे सवाल
प्रदेश में पंजीकृत 3172 कोचिंग संस्थानों के आंकड़े पर भी सवाल उठने लगे हैं। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में ही हजारों कोचिंग संस्थान संचालित होने का अनुमान है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
कई लोगों ने सवाल उठाया है कि बड़ी घटनाओं के बाद ही जांच अभियान क्यों शुरू किए जाते हैं। यदि नियमित रूप से निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट किए जाएं तो ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।
लखनऊ अग्निकांड में गई 15 लोगों की जान
गौरतलब है कि सोमवार को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित चार मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में अधिकांश एक एनीमेशन प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े छात्र और कर्मचारी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद प्रशासन और सरकार पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
