मुंबई। भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार, 23 फरवरी को मजबूत तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 25,750 के पार पहुंच गया। सुबह करीब 9:27 बजे सेंसेक्स 589.87 अंक (0.71%) की बढ़त के साथ 83,404.58 पर और निफ्टी 175.25 अंक (0.69%) चढ़कर 25,746.50 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में चौतरफा खरीदारी रही और 16 में से 14 सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।
तेजी के पीछे ये रहे प्रमुख कारण
1. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ग्लोबल राहत
बाजार को सबसे बड़ा सपोर्ट अमेरिका से मिली पॉजिटिव खबर से मिला। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए इंपोर्ट टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया। इससे ग्लोबल ट्रेड को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। एक्सपोर्ट आधारित टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में 2.5% से 8% तक की तेजी दर्ज की गई।
2. हैवीवेट शेयरों में मजबूत खरीदारी
HDFC बैंक, ICICI बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयर करीब 1% तक चढ़े। अदाणी पोर्ट्स निफ्टी का टॉप गेनर रहा और इसमें लगभग 3% की तेजी आई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, SBI, HDFC लाइफ और श्रीराम फाइनेंस में भी 1–2% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि आईटी सेक्टर में हल्की कमजोरी रही।
3. मिडकैप और स्मॉलकैप का साथ
निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी क्रमशः 0.2% और 0.7% की बढ़त रही। निफ्टी 200 में इंडियन बैंक और आईटीसी होटल्स 3% से ज्यादा चढ़े, जबकि वेदांता में फंड जुटाने की खबर से करीब 2% की तेजी आई।
4. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड की कीमतों में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। यूएस-ईरान न्यूक्लियर बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद से सप्लाई संबंधी चिंताएं कम हुई हैं। तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है।
5. ग्लोबल बाजारों से मजबूत संकेत
एशियाई बाजारों में कोस्पी करीब 1.5% चढ़ा, जबकि शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी लगभग 1% की तेजी रही। नैस्डैक में जोरदार बढ़त ने निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत किया।
आईटी शेयरों में हल्की गिरावट
इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और HCL टेक्नोलॉजीज में 0.3% से 1% तक की कमजोरी रही। सिप्ला के शेयर में भी 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
