लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि देश एक बड़े “आर्थिक तूफान” की ओर बढ़ रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ेगा।
रायबरेली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश की आर्थिक संरचना को पूरी तरह बदल दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक व्यवस्था कुछ बड़े उद्योगपतियों के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई है और यह मॉडल लंबे समय तक टिकने वाला नहीं है।
“सबसे ज्यादा मार आम आदमी पर पड़ेगी”
राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले आर्थिक संकट का असर बड़े उद्योगपतियों पर नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश के आम नागरिकों को कठिन दौर का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आर्थिक चुनौतियों से निपटने के बजाय लोगों को विदेश यात्रा कम करने की सलाह दे रही है, जबकि प्रधानमंत्री लगातार विदेश दौरे कर रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी
राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल के दिनों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹91.58 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मई 2022 के बाद ईंधन की सबसे ऊंची कीमतें हैं।
इसके अलावा कई शहरों में CNG की कीमतों में भी हाल ही में दो बार बढ़ोतरी की गई है।
वैश्विक तनाव का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर भी तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। होर्मुज स्ट्रेट में बाधा की आशंका ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग माना जाता है।
विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव को लेकर स्पष्ट रणनीति सामने रखनी चाहिए। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई और ईंधन कीमतों का मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।
