भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले सप्ताह 15 से 18 जून के बीच होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रदेश में इंदौर संभाग और जबलपुर संभाग के कुछ जिलों के रास्ते प्रवेश कर सकता है। इससे पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी रहेंगी और कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा।
इन जिलों से हो सकती है मानसून की एंट्री
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बैतूल, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और आसपास के जिलों से मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां मानसून के अनुकूल बनती नजर आ रही हैं।
20 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट
मंगलवार को प्रदेश के करीब 20 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिले शामिल हैं।
10 और 11 जून को लू का असर
आंधी-बारिश के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी भी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग ने 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।
कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मंडला प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा छिंदवाड़ा, खजुराहो, दमोह, मलाजखंड, राजगढ़, नरसिंहपुर, दतिया और नौगांव समेत कई जिलों में तापमान 41 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।
प्रदेश में एक साथ दिख रहा तीन मौसमों का असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार मध्य प्रदेश इस समय एक संक्रमण काल से गुजर रहा है, जहां गर्मी, आंधी-बारिश और बढ़ती नमी का प्रभाव एक साथ देखने को मिल रहा है। रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
भोपाल, नर्मदापुरम और बुंदेलखंड में मिलेगी राहत
भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा समेत मध्य प्रदेश के मध्य भागों में दोपहर बाद बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। वहीं सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना क्षेत्र में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मालवा-निमाड़ में बढ़ेगी उमस
इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में अरब सागर से आने वाली नमी का असर दिखाई देगा। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश की तुलना में यहां बारिश का दायरा सीमित रहने की संभावना है।
तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि जिन क्षेत्रों में केवल बादल रहेंगे, वहां उमस बढ़ने की संभावना बनी रहेगी।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण समय
मौसम विभाग का मानना है कि प्रदेश में मानसून प्रवेश की भूमिका तैयार हो चुकी है। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां जल्द तेज हो सकती हैं। किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई से पहले व्यापक और स्थायी बारिश का इंतजार करने की सलाह दी गई है।
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन भी बनी हुई है। वहीं 11 जून को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है।
