Magazines cover a wide subjects, including not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

उत्तर प्रदेश

KGMU का बड़ा फैसला: यौन शोषण के आरोपी डॉक्टर रमीज का दाखिला रद्द होगा

Blog Image
905 0

Lucknow News: लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों में घिरे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीज उद्दीन नायक के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके प्रवेश (दाखिले) को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में KGMU प्रशासन आज महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) को पत्र भेजेगा, जिसके बाद आरोपी डॉक्टर आगे की पढ़ाई नहीं कर सकेगा।

KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, मामले में कथित रूप से आरोपी की मदद करने वाले अन्य लोगों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

दो प्रोफेसरों की भूमिका पर भी सवाल

जांच के दौरान पैथोलॉजी विभाग के दो प्रोफेसरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक न तो उन्हें क्लीन चिट दी गई है और न ही उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की घोषणा हुई है। KGMU के प्रवक्ता केके सिंह ने कहा कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है, इसलिए इस पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।

पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव और उत्पीड़न का आरोप

आरोप है कि पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज ने एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को शादी का झांसा देकर अपने प्रेम जाल में फंसाया। बाद में उसने महिला डॉक्टर पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता के विरोध करने पर उसे धमकाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई।

इसी तनाव के चलते महिला डॉक्टर ने कथित तौर पर नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर उसे KGMU के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ।

कई स्तरों पर चल रही है जांच

घटना के बाद पीड़िता ने KGMU प्रशासन, पुलिस, मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल और राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने दो अलग-अलग जांच समितियां गठित कीं।

यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच विशाखा कमेटी द्वारा की जा रही है, जबकि धर्मांतरण से जुड़े मामले की जांच सात सदस्यीय कमेटी को सौंपी गई है, जिसमें एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं। विशाखा कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है।

KGMU प्रशासन का कहना है कि सभी रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post