बारामती में हुए विमान हादसे को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवालों का सिलसिला शुरू हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और विधान परिषद सदस्य Amol Mitkari ने इस दुर्घटना को लेकर कई विसंगतियों की ओर इशारा करते हुए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मिटकरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि इस हादसे में छह लोगों की मौत बताई गई, लेकिन मौके से केवल पांच शव ही बरामद हुए। उन्होंने सवाल किया कि छठा शव आखिर कहां गया? इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा कि उड़ान से पहले यात्रियों की सूची डिजिटल रूप से दर्ज होती है, फिर यह विसंगति कैसे हुई। उन्होंने यह भी संदेह जताया कि दुर्घटना में कागज का एक टुकड़ा तक नहीं जला और पायलटों को बार-बार बदले जाने के पीछे क्या कारण था।
मिटकरी ने कहा कि वह इस मामले में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि वह व्यक्तिगत रूप से दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मौत पर राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब मिलना जरूरी है।
संजय राउत ने भी जताई शंका
इस बीच, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता Sanjay Raut ने भी हादसे की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिवंगत नेता Ajit Pawar ने कुछ समय पहले भाजपा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे और उनके पास कथित तौर पर भाजपा के खिलाफ दस्तावेज भी थे। राउत ने कहा कि 15 जनवरी को दिए गए बयान के ठीक 10 दिन बाद इस तरह की दुर्घटना होना संदेह पैदा करता है।
राउत ने इस घटना की तुलना न्यायमूर्ति Brijgopal Loya की रहस्यमय मृत्यु से भी की और न्यायिक जांच की मांग दोहराई। उन्होंने राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यह मामला पूरी तरह से पारदर्शी जांच की मांग करता है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
राउत के आरोपों पर भाजपा सांसद और अधिवक्ता Ujjwal Nikam ने कहा कि न्यायमूर्ति लोया की मृत्यु को लेकर पहले ही अदालत स्पष्ट कर चुकी है कि वह प्राकृतिक कारणों से हुई थी। वहीं भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि अजित पवार के विमान हादसे के मामले में भी सच्चाई सामने आ जाएगी और विपक्ष बेवजह राजनीति कर रहा है।
महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री Radha Krishna Vikhe Patil ने बयान दिया कि मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने स्वयं इस दुर्घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संजय राउत के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना और निराधार बताया।
जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच एजेंसियों के सामने है। विपक्ष निष्पक्ष और न्यायिक जांच की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
इस बीच, आम जनता की नजर भी इस बात पर टिकी है कि हादसे से जुड़े सवालों का जवाब कब और कैसे मिलेगा तथा क्या इस मामले में स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाएगी।
