पटना। नीतीश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। राज्य के वित्त मंत्री Bijendra Prasad Yadav ने बताया कि इस बार बजट का कुल आकार 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
गौरतलब है कि चुनावी वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसके बाद जुलाई में 57,941 करोड़ रुपये और दिसंबर में 91,717 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी लाया गया था।
‘सात निश्चय-3’ के जरिए विकास का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि सरकार ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के माध्यम से बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने बिहार को समृद्ध और शक्तिशाली राज्य बनाने के लिए पांच मूल तत्व तय किए हैं—ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान।
आर्थिक विकास दर में तेजी
बजट भाषण के दौरान बताया गया कि देश के साथ-साथ बिहार की आर्थिक विकास दर भी तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि वर्ष 2025-26 में बिहार की आर्थिक विकास दर 14.9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर जोर
इस बजट में रोजगार को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। महिला रोजगार योजनाओं के तहत अब तक 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है। अब सरकार उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराएगी।
बजट की प्रमुख घोषणाएं
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कई अहम योजनाओं की घोषणा की, जिनमें शामिल हैं—
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जाति आधारित गणना में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को लघु उद्यमी योजना से सशक्त बनाया जाएगा
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स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे
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चौथे कृषि रोडमैप के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
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उद्योग क्षेत्र में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य
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डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और मखाना उद्योग को प्रोत्साहन
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राज्य में 5 नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण
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हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे
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जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा
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सौर ऊर्जा के विस्तार को बढ़ावा
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गरीबों के लिए सस्ता आवास उपलब्ध कराया जाएगा
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खेल और पर्यटन के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार
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बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं और संपत्ति पंजीकरण की सुविधा घर बैठे मिलेगी
विकास और कल्याण का संतुलन
सरकार का कहना है कि यह बजट विकास और सामाजिक कल्याण दोनों के बीच संतुलन स्थापित करने वाला है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए प्रावधानों से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, बिहार बजट 2026-27 को रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के विकास पर केंद्रित माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
