Magazines cover a wide subjects, including not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

राज्य / उत्तराखंड

उत्तराखंड में मानसून की एंट्री में होगी देरी, जून के आखिर तक बारिश के आसार; IMD की नई भविष्यवाणी

Blog Image
902 0

देहरादून। उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन का इंतजार और लंबा हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, राज्य में मानसून अब जून के अंतिम सप्ताह तक पहुंच सकता है। इससे पहले मौसम विभाग ने 22 से 25 जून के बीच मानसून के उत्तराखंड पहुंचने का अनुमान जताया था।

मौसम विभाग के मुताबिक, देशभर में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिसका असर उत्तर भारत के कई राज्यों पर देखने को मिल रहा है। मानसून में देरी के चलते उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी रहने की संभावना है।

जून के आखिरी सप्ताह तक हो सकती है मानसून की एंट्री

देहरादून स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि हाल के दिनों में मानसून की प्रगति धीमी हुई है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अनुमान है कि मानसून जून के अंतिम सप्ताह तक उत्तराखंड पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि मानसून की धीमी रफ्तार का असर न केवल मौसम पर बल्कि खेती-किसानी, जल उपलब्धता और समय पर होने वाली बुवाई पर भी पड़ सकता है।

केरल में भी देरी से पहुंचा था मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून देश में सबसे पहले केरल में सामान्य समय से तीन दिन देरी से 1 जून को पहुंचा था। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा प्रायद्वीपीय और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों से गुजर रही है।

आईएमडी का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ की ओर आगे बढ़ सकता है, लेकिन उत्तर भारत में इसकी प्रगति फिलहाल धीमी बनी हुई है।

अल नीनो को माना जा रहा देरी का कारण

मौसम विशेषज्ञ मानसून की सुस्त रफ्तार के पीछे 'अल नीनो' प्रभाव को प्रमुख वजह मान रहे हैं। अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है।

इसका प्रभाव अक्सर भारतीय मानसून को कमजोर करने और कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश के रूप में देखा जाता है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) समेत कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी इस वर्ष दक्षिण एशिया में सामान्य से अधिक गर्म और अपेक्षाकृत शुष्क मानसून की संभावना जताई है।

25 जून तक कई जिलों में बारिश के संकेत

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तराखंड में हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर अधिकांश जिलों में 25 जून तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं अन्य जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना बनी हुई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post