Magazines cover a wide subjects, including not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

उत्तर प्रदेश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एसआईटी के रडार पर 47 कर्मचारी, अखिलेश ने उठाए सवाल; सनातन बोर्ड की मांग तेज

Blog Image
902 0

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी पड़ताल का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी के रडार पर अब मंदिर ट्रस्ट के 47 कर्मचारी आ गए हैं, जो दान में मिले नकदी और आभूषणों की गिनती व प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों की वर्तमान संपत्ति और नौकरी से पहले की आर्थिक स्थिति का तुलनात्मक आकलन किया जा सकता है।

इस बीच, मामले को लेकर राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि "जो एसआईटी जांच कर रही है, उसकी जांच कौन करेगा?" उनके इस बयान के बाद जांच प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

वहीं, कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने मंदिर प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रमुख मंदिरों के संचालन से सरकारी अधिकारियों को हटाकर एक "सनातन बोर्ड" का गठन किया जाना चाहिए, जिसमें साधु-संत और धर्म के जानकार शामिल हों। उनका दावा है कि यदि मंदिरों का प्रबंधन सनातन परंपरा को समझने वाले लोगों के हाथ में होता, तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होतीं।

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर जमीन खरीद को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दस्तावेज साझा करते हुए आरोप लगाया कि तीन करोड़ रुपये मूल्य की नजूल भूमि को 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले के प्रमुख पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने पूरे प्रकरण पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भक्तों की आस्था सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने एसआईटी जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।

उधर, अयोध्या के संत परमहंस आचार्य ने विवाद को लेकर राजनीतिक आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा मामला कुछ राजनीतिक ताकतों की साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका उद्देश्य राम मंदिर ट्रस्ट और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

फिलहाल, एसआईटी जांच जारी है और 47 कर्मचारियों की भूमिका समेत चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post