मनाली। हिमालयी क्षेत्रों में एक दुर्लभ नजारा सामने आया है, जहां बर्फ से ढके जंगलों में मोरों का जोड़ा देखा गया। यह घटना Himachal Pradesh के कुल्लू-मनाली क्षेत्र के पास स्थित Jagatsukh village में सामने आई है। करीब 6000 फीट (लगभग 1800 मीटर) की ऊंचाई पर मोरों की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मोर आमतौर पर गर्म और मैदानी इलाकों में पाए जाते हैं। ऐसे में बर्फीले जंगलों में उनका दिखना असामान्य माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना हिमालयी क्षेत्र में हो रहे पारिस्थितिक बदलावों और बढ़ते तापमान की ओर इशारा कर सकती है।
ऊंचे इलाके अब पहले जितने ठंडे नहीं
कुल्लू वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, औसत तापमान में लगातार वृद्धि इस बदलाव का एक बड़ा कारण हो सकती है। उनका कहना है कि 10–15 साल पहले तक कुल्लू और मनाली के कई इलाकों में घरों में पंखों की जरूरत नहीं पड़ती थी, लेकिन अब मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहने लगा है।
इसी वजह से मोर जैसे पक्षी ऊंचाई वाले क्षेत्रों को भी अपने लिए अनुकूल समझने लगे हैं।
भोजन की तलाश भी हो सकती है वजह
वन अधिकारियों का यह भी मानना है कि केवल एक घटना के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि मोर स्थायी रूप से ऊंचे इलाकों में बसने लगे हैं। संभव है कि वे भोजन की तलाश में इन क्षेत्रों तक पहुंच गए हों।
हालांकि, यदि इस तरह के दृश्य बार-बार सामने आते हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि मोरों का प्राकृतिक आवास धीरे-धीरे बदल रहा है।
वैज्ञानिकों और ग्रामीणों की अलग राय
स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह नजारा बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला है, जबकि कुछ वन्यजीव विशेषज्ञ इसे पूरी तरह असामान्य नहीं मानते। उनका कहना है कि बदलते मौसम और जंगलों के स्वरूप में हो रहे बदलावों के कारण पक्षियों की आवाजाही के पैटर्न में परिवर्तन आना स्वाभाविक है।
जलवायु परिवर्तन पर बढ़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर हिमालयी राज्यों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चिंता बढ़ा दी है। पारिस्थितिक संतुलन में बदलाव केवल इंसानों के जीवन को ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों के व्यवहार और उनके प्राकृतिक आवास को भी प्रभावित कर रहा है।
फिलहाल, वन विभाग और विशेषज्ञ इस तरह की घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं ताकि यह समझा जा सके कि मोरों की यह मौजूदगी केवल एक अस्थायी घटना है या आने वाले समय में यह एक नई सामान्य स्थिति बन सकती है।
