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मध्य प्रदेश

कूनो में खुशखबरी: मादा चीता ‘गामिनी’ ने दिए 3 शावकों को जन्म, भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 38

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श्योपुर/भोपाल। भारत में ‘प्रोजेक्ट चीता’ लगातार नई सफलताओं की इबारत लिख रहा है। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि उस दिन सामने आई, जब भारत में दक्षिण अफ्रीकी चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूरे हुए।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे भारत के ऐतिहासिक संरक्षण अभियान की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि हर नया जन्म ‘प्रोजेक्ट चीता’ को और मजबूती दे रहा है और यह वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

नौवां सफल प्रसव, 10 दिन में जन्मे 8 शावक

गामिनी भारतीय धरती पर दूसरी बार मां बनी है और यह चीतों का नौवां सफल प्रसव है। इन नए शावकों के साथ भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है, जबकि देश में चीतों की कुल आबादी अब 38 तक पहुंच गई है।
बीते 10 दिनों में यह दूसरा प्रसव है। इससे पहले 7 फरवरी को भी कूनो नेशनल पार्क में एक मादा चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया था।

सतत निगरानी और वैज्ञानिक प्रबंधन का परिणाम

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की 24 घंटे निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और समर्पित प्रयासों से यह सफलता संभव हो रही है। कूनो में चीतों के अनुकूल वातावरण और बेहतर देखरेख से उनकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ने जताई खुशी

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र बनकर मध्यप्रदेश पूरे देश को गौरवान्वित कर रहा है।

जैव विविधता संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती आबादी भारत की जैव विविधता संरक्षण यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। ‘प्रोजेक्ट चीता’ न केवल विलुप्त हो चुके प्रजाति के पुनर्वास का प्रयास है, बल्कि यह देश में वन्यजीव संरक्षण के नए मानक भी स्थापित कर रहा है।

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