गोरखपुर। जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान गलत रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को दो टूक कहा कि हर प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।
जनता दर्शन में उठे गंभीर मुद्दे
गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कुछ मामलों में शिकायत मिली कि जांच में जानबूझकर गलत रिपोर्ट लगाई गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों की सहायता में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य है। यदि किसी स्तर पर जानबूझकर प्रकरण लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जमीन कब्जाने की शिकायतों पर भी विधि सम्मत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
इलाज के लिए आर्थिक सहायता का आश्वासन
जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल से इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराकर शासन को भेजी जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्नेहपूर्वक चॉकलेट दी और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
परंपरागत दिनचर्या और गोसेवा
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा पर श्रद्धा अर्पित की। इसके बाद मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की तथा गायों को अपने हाथों से गुड़ खिलाया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर, निष्पक्षता और गुणवत्ता के साथ किया जाए—किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
