देहरादून: उत्तराखंड में कुदरत के बदले मिजाज ने एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार देर शाम राजधानी देहरादून में हुई चंद घंटों की मूसलाधार बारिश ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के जल निकासी के तमाम दावों की हवा निकाल दी। शहर के कई प्रमुख इलाकों में देखते ही देखते घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 2 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को देहरादून जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय छुट्टी की घोषणा कर दी है।
जलमग्न हुई राजधानी, कंट्रोल रूम में दर्ज हुईं शिकायतें सोमवार शाम को हुई अचानक बारिश से रायपुर रोड, सर्वे चौक, राजपुर रोड, करनपुर, परेड ग्राउंड, दून अस्पताल और घंटाघर चौक जैसे व्यस्त इलाके पूरी तरह जलमग्न नजर आए। सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई दिखाई दीं। रात लगभग 8:30 बजे आपदा कंट्रोल रूम को द्रोणपुरी क्षेत्र में जलभराव की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को मौके पर रवाना किया गया। हालात को संभालने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार मोर्चे पर डटी हुई हैं।
किन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर के अनुसार:
1 सितंबर: देहरादून और टिहरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जिलों को 'वॉच श्रेणी' में रखा गया है।
2 सितंबर: देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
अगस्त में सामान्य से अधिक बरसा पानी मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देहरादून में इस वर्ष अगस्त महीने में सामान्य (498.4 मिमी) के मुकाबले 518.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों से सतर्क रहने व अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
