हरारे। अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ दमदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। भारत ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी की बदौलत मजबूत स्कोर खड़ा किया।
भारतीय पारी के हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। सूर्यवंशी ने मात्र 55 गेंदों में अपना शतक पूरा कर वर्ल्ड कप फाइनल में एक खास उपलब्धि दर्ज की। उन्होंने 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली और इसी के साथ भारत का स्कोर 251 रनों तक पहुंचा।
55 गेंदों में ऐतिहासिक शतक
भारतीय पारी का 20वां ओवर एक यादगार लम्हा बन गया, जब वैभव सूर्यवंशी ने चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया। शतक पूरा करते ही उन्होंने हेलमेट उतारकर आंखें बंद कीं, प्रार्थना की और ड्रेसिंग रूम की ओर देखते हुए तालियों के साथ अभिवादन स्वीकार किया। डगआउट में मौजूद खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ खुशी से झूम उठे।
आयुष म्हात्रे–सूर्यवंशी की बड़ी साझेदारी
भारत के कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी जिम्मेदारी भरी पारी खेली। उन्होंने 53 रन बनाए और दूसरे विकेट के लिए वैभव सूर्यवंशी के साथ 142 रनों की शानदार साझेदारी की। आयुष को एलेक्स ग्रीन की गेंद पर बेन मेयस ने कैच कर पवेलियन भेजा, जिसके साथ ही यह अहम साझेदारी टूट गई।
मजबूत स्थिति में भारत
आयुष के आउट होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने पारी को आगे बढ़ाया और बड़े शॉट्स लगाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनके आउट होने तक भारत का स्कोर 251 रन हो चुका था, जिसने इंग्लैंड के सामने खिताबी मुकाबले में बड़ी चुनौती पेश कर दी।
रिकॉर्ड और इतिहास
भारतीय टीम रिकॉर्ड 10वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची है, जबकि इंग्लैंड की टीम तीसरी बार फाइनल खेल रही है। इंग्लैंड ने 1998 में अपना इकलौता खिताब जीता था। वहीं 2022 के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर पांचवीं बार ट्रॉफी अपने नाम की थी।
दोनों टीमों की प्लेइंग-11
भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), वेदांत त्रिवेदी, आरएस अंब्रिश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, हेनिल पटेल, दीपेश देवेन्द्रन।
इंग्लैंड: थॉमस रेव (कप्तान), बेन डॉकिन्स, जोसेफ मूर्स, बेन मेयस, कालेब फॉकनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मीटो, मैनी लुम्सडेन, एलेक्स ग्रीन।
फाइनल में भारत की यह आक्रामक बल्लेबाजी खिताब की ओर एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
