पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई और शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसी मंच पर शुभेंदु अधिकारी ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
57 वर्षीय शुभेंदु अधिकारी कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे, लेकिन अब वही नेता उन्हें चुनावी मैदान में हराकर बंगाल की सत्ता तक पहुंच गए हैं। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराने के बाद अधिकारी भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे और आखिरकार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे।
अविवाहित हैं शुभेंदु अधिकारी, 85 लाख की संपत्ति
शुभेंदु अधिकारी ने अपना जीवन राजनीति और लोकसेवा को समर्पित किया है। वह अविवाहित हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 85.87 लाख रुपये घोषित की है। उन पर किसी तरह का कर्ज नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि उनके पास कोई निजी गाड़ी भी नहीं है। अधिकारी पेशे से कारोबारी भी हैं।
उनके पिता शिशिर कुमार अधिकारी बंगाल की राजनीति का बड़ा नाम रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी से एमए की पढ़ाई पूरी की थी।
कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
शुभेंदु अधिकारी ने 31 साल की उम्र में पहला चुनाव जीता था। वह कांग्रेस के टिकट पर कोंटाई नगर परिषद के पार्षद बने थे। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा और 2006 में पहली बार कोंटाई साउथ सीट से विधायक चुने गए।
नंदीग्राम आंदोलन से बढ़ा राजनीतिक कद
2007 में नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन ने शुभेंदु अधिकारी को राज्यभर में पहचान दिलाई। उस समय ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुए आंदोलन को मजबूत करने में अधिकारी की अहम भूमिका रही। आंदोलन के बाद टीएमसी में उनका कद तेजी से बढ़ा और 2009 में वह तामलुक सीट से सांसद बने।
2016 में नंदीग्राम से विधायक बनने के बाद उन्हें ममता सरकार में मंत्री पद भी मिला। हालांकि, 2020 में ममता बनर्जी से मतभेद के बाद उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली।
भाजपा में शामिल होकर रचा इतिहास
2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ उतारा। इस हाईप्रोफाइल मुकाबले में अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर पूरे देश में सुर्खियां बटोरीं।
इसके बाद 2026 के चुनाव में उन्होंने एक बार फिर ममता बनर्जी को चुनौती दी और भवानीपुर सीट पर जीत हासिल कर भाजपा को बंगाल की सत्ता तक पहुंचा दिया। इसी जीत के साथ शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बन गए।
