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बिजनेस

Stock Market Crash: सेंसेक्स 1800 अंक टूटा, निवेशकों के ₹14 लाख करोड़ डूबे

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वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में सोमवार (23 मार्च) को भारी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 1,836.57 अंक यानी 2.46% टूटकर 72,696.39 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 601.85 अंक यानी 2.60% गिरकर 22,512.65 के स्तर पर आ गया।

दिनभर दबाव में रहा बाजार
कारोबार की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 73,732.58 पर खुला और दिन के दौरान 1,974.52 अंक टूटकर 72,558.44 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 22,824.35 पर खुलकर 22,471.25 के लो तक फिसल गया।

₹14 लाख करोड़ की दौलत साफ
बाजार में तेज बिकवाली से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 4,15,11,534.52 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में 4,29,11,487.59 करोड़ रुपये था। यानी एक दिन में करीब ₹14 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई।

हर सेक्टर में बिकवाली
सोमवार को निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।

  • मेटल इंडेक्स करीब 5% टूटा
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 5% से ज्यादा गिरा
  • रियल्टी इंडेक्स 4.7% नीचे
  • पीएसयू बैंक इंडेक्स 4% लुढ़का

निफ्टी पर एचसीएल टेक, पावरग्रिड और टेक महिंद्रा में कुछ खरीदारी दिखी, जबकि टाइटन, श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, जियो फाइनेंशियल और एचडीएफसी लाइफ बड़े गिरने वाले शेयरों में रहे।

गिरावट की बड़ी वजहें

  • पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ता तनाव
  • विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
  • रुपये में कमजोरी
  • ग्लोबल मार्केट्स में गिरावट
  • INDIA VIX में तेज उछाल (बढ़ती अस्थिरता)

कच्चा तेल बना सबसे बड़ी चिंता
ब्रेंट क्रूड की कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संकट के चलते सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ा है।

ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमले बढ़ते हैं तो वह होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।

बाजार के लिए आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

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