देश के कई हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी की कमी ने फूड सर्विस सेक्टर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसका असर आज शेयर बाजार में भी दिखाई दिया, जहां इस सेक्टर से जुड़े कई प्रमुख स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई।
पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के जल्द खत्म होने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संकेतों के बाद जहां बाजार में कुल मिलाकर रौनक देखने को मिली, वहीं क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) और फूड डिलीवरी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।
जुबिलैंट फूडवर्क्स, देवयानी इंटरनेशनल, स्विगी और जोमैटो से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट देखी गई। इन कंपनियों पर कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई में आ रही दिक्कतों का सीधा असर पड़ रहा है, क्योंकि रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट बड़े पैमाने पर इसी ईंधन पर निर्भर करते हैं।
रेस्टोरेंट्स बंद होने की चेतावनी
बेंगलुरु में होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ने कमर्शियल एलपीजी की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। यहां तक कि कुछ संगठनों ने सप्लाई बहाल नहीं होने पर होटल और रेस्टोरेंट बंद करने तक की चेतावनी दे दी है।
बेंगलुरु, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और दिल्ली के रेस्टोरेंट संगठनों का कहना है कि सप्लाई बाधित होने के कारण कई जगह ईटरीज यानी रेस्टोरेंट और होटल प्रभावित हुए हैं। इस मुद्दे को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अनुसार फिलहाल अधिकांश रेस्टोरेंट्स के पास सिर्फ एक सप्ताह का ही एलपीजी स्टॉक बचा है। अगर सप्लाई में बाधा लंबे समय तक जारी रही तो बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट्स को या तो बंद करना पड़ सकता है या फिर मेन्यू में कटौती करनी पड़ सकती है।
सरकार ने शुरू की कोशिशें
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत अमेरिका और कनाडा से अतिरिक्त एलपीजी सप्लाई हासिल करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल ईंधन पर किसी प्रकार की रोक लगाने की कोई योजना नहीं है।
सरकार का कहना है कि इंडस्ट्रियल और कमर्शियल जरूरतों पर असर कम से कम हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दी जाएगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रेस्टोरेंट और ऑटो सेक्टर की ईंधन जरूरतों का आकलन करने के लिए एक पैनल भी बनाया है, ताकि इन क्षेत्रों को आवश्यक एलपीजी उपलब्ध कराई जा सके।
आदेश के बाद बढ़ा भ्रम
इंडस्ट्री संगठनों और अधिकारियों के मुताबिक यह स्थिति 5 मार्च को जारी हुए एक सरकारी आदेश के बाद बनी। इस आदेश में तेल कंपनियों को घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे।
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (FHRAI) का कहना है कि आदेश की भाषा को लेकर डिस्ट्रीब्यूटर्स में भ्रम की स्थिति बन गई। इसके कारण कुछ सप्लायर्स ने कथित तौर पर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी रोक दी।
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन का कहना है कि 9 मार्च से शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है, जबकि इससे पहले तेल कंपनियों ने करीब 70 दिनों तक सप्लाई में किसी बाधा के न होने का आश्वासन दिया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो इसका असर फूड सर्विस इंडस्ट्री के साथ-साथ फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स और उनसे जुड़े लाखों कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है।
