मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि एलपीजी की कुल सप्लाई में कोई कमी नहीं है, लेकिन गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलेंडर के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं और लोगों को सिलेंडर मिलने में देरी का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब ईरान पर जारी अमेरिकी-इजराइल सैन्य कार्रवाई के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका असर अब भारत के कुछ शहरों में भी दिखाई देने लगा है।
अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को छूट
एलपीजी एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. गुप्ता ने बताया कि सोमवार से भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का वितरण रोक दिया गया है। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है ताकि आवश्यक सेवाओं पर असर न पड़े।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए कुछ समय के लिए ऐसी दिक्कतें सामने आना स्वाभाविक है। साथ ही प्रशासन इस बात पर नजर रख रहा है कि कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण घरेलू एलपीजी का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में न किया जाए।
घरेलू सिलेंडर बुकिंग का नियम बदला
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ता पिछली डिलीवरी की तारीख से 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे, जबकि पहले यह अवधि 21 दिन थी।
हालांकि तेल कंपनियों के हवाले से एलपीजी एसोसिएशन का कहना है कि घरेलू गैस की सप्लाई में किसी प्रकार की कमी नहीं है और स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है।
एजेंसियों पर लंबी कतारें
प्रशासन के दावों के बावजूद कई गैस वितरण केंद्रों पर लोगों को लंबी कतारों में खड़ा देखा गया। उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है।
एक ग्राहक अंजू विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें स्लिप मिलने के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि सिलेंडर लेने के लिए उन्हें छुट्टी लेकर आना पड़ा, लेकिन फिर भी गैस नहीं मिल सकी। वहीं जयपाल बागड़े नामक ग्राहक ने बताया कि उन्हें सिलेंडर लेने का समय दिया गया था, लेकिन बाद में कहा गया कि आज नहीं, कल मिलेगा।
व्यापारियों की बढ़ी चिंता
दूसरी ओर, कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से व्यापारी भी परेशान हैं। एक दुकानदार राजकुमार जैन ने बताया कि कई दुकानों के पास केवल एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है, जिससे कारोबार प्रभावित हो सकता है।
व्यापारिक संगठनों ने सरकार से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है ताकि होटल-रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर असर कम से कम पड़े।
