पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के हालात बने रहे। जहानाबाद की रहने वाली एक नीट छात्रा की पटना में हुई मौत के मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। इस मुद्दे पर विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
बिहार विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सदन में अपनी बात रखने की भी संभावना जताई गई। इसी बीच विपक्ष ने छात्रा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर कार्यवाही बाधित करने की कोशिश की। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई।
नीट छात्रा मामले में पटना पुलिस ने दावा किया कि परिजन केस दर्ज नहीं कराना चाहते थे, लेकिन छात्रा के परिजनों ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस के बयान को बेबुनियाद बताया। इसी विरोधाभास को लेकर विपक्ष ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया।
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मामले में किसी मंत्री या मंत्री के बेटे की संलिप्तता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने लीपापोती कर मामला सीबीआई को सौंप दिया। साथ ही उन्होंने राज्य बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह बिहार की जनता को ठगने जैसा है।
इधर, पटना में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के विधायकों की बैठक हुई, जिसमें सदन के अंदर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। वहीं सदन के बाहर AIMIM विधायकों ने बिहार में मुसलमानों पर हमले और दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
विधान परिषद की पहली पाली में नदियों पर अतिक्रमण का मुद्दा उठा। मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि जल संसाधन विभाग को अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। आरजेडी विधायक करिश्मा राय ने बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें आम लोगों के लिए कुछ भी स्पष्ट नहीं है और छात्रा मामले पर सरकार को जवाब देना होगा।
फुलवारी शरीफ में महिला डिग्री कॉलेज की मांग भी सदन में उठी। जदयू विधायक श्याम रजक की मांग पर मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार विभाग इसे प्राथमिकता देगा।
साइबर अपराध के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि अब तक एक लाख से अधिक लोग साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। इनमें से 52,256 मामलों में राशि खातों में रोकी गई है और करीब 6,500 लोगों को पैसा वापस दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले साइबर सेल का गठन किया गया है और जल्द ही इस पर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।
नल-जल योजना को लेकर भी सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष का आरोप था कि कई जगहों पर पेयजल आपूर्ति ठप है, जबकि सरकार के जवाब को भ्रामक बताया गया। इस मुद्दे पर मंत्री अशोक चौधरी और भाई वीरेंद्र के बीच तीखी बहस भी हुई।
विधान परिषद परिसर में विपक्षी दलों के सदस्यों ने छात्रा से दरिंदगी के मामले में सरकार की चुप्पी के खिलाफ तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। “बिहार की बेटी को इंसाफ चाहिए” और “सियासी खामोशी नहीं, जवाब चाहिए” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों में राबड़ी देवी, शशि यादव, मदन मोहन झा और सुनील सिंह शामिल रहे।
इस बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जानकारी दी कि 7 फरवरी को बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस पर सेंट्रल हॉल में आयोजित व्याख्यान माला में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल होंगे।
लगातार हंगामे के चलते बिहार विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक और विधान परिषद की कार्यवाही 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
