Magazines cover a wide subjects, including not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

दिल्ली

ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट ने जारी किया जमानती वारंट, 31 अक्टूबर को पेश होने का आदेश; जानें क्या है 8 साल पुराना मामला

Blog Image
901 0

नई दिल्ली: यूट्यूबर ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने भाजपा आईटी सेल के सदस्य विकास पांडे की ओर से दायर मानहानि मामले में ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने उन्हें 31 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश दिया है। यह मामला साल 2018 में दर्ज शिकायत से जुड़ा है, जिसमें राठी पर अपने यूट्यूब वीडियो के जरिए शिकायतकर्ता की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।

क्या है ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का मामला?

शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि ध्रुव राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उनके बारे में रिश्वत देने की पेशकश से जुड़ी बात कही गई थी। पांडे ने इसे मानहानिकारक बताते हुए अदालत का रुख किया था।

इस मामले में कानूनी कार्यवाही कई वर्षों से लंबित है। अब अदालत ने ध्रुव राठी की पेशी सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी किया है। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में अदालत का अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।

12 अक्टूबर को जारी हुआ था नया समन

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 12 अक्टूबर को ध्रुव राठी के खिलाफ नया समन जारी किया था। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से लंबे समय से समन तामील कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अदालत के निर्देश पर हरियाणा के गुरुग्राम स्थित ध्रुव राठी के आवास पर समन भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई। हालांकि, समन तामील कराने पहुंचे अदालत के कर्मचारी को घर पर ताला लगा मिला।

इसके बाद अदालत ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए जमानती वारंट जारी किया और ध्रुव राठी को 31 अक्टूबर को अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा।

2019 में पहली बार जारी हुआ था समन

इस मामले में ध्रुव राठी को पहली बार जुलाई 2019 में समन जारी किया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता समक्ष शर्मा ने अदालत में कहा कि राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं और उनके भारत में मौजूद होने की जानकारी के आधार पर समन की तामील के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

शिकायतकर्ता के पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया था कि ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित पते पर समन भेजा जाए, ताकि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया जा सके।

अरविंद केजरीवाल ने भी मांगी थी माफी

यह मामला उस विवाद से भी जुड़ा है, जिसमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ध्रुव राठी के एक वीडियो को रीट्वीट किया था। इस वीडियो को साझा करने के मामले में केजरीवाल ने वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष माफी मांगी थी।

हालांकि, ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि मामले की कार्यवाही अलग से लंबित रही है। अब साकेत कोर्ट की ओर से जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद इस मामले में 31 अक्टूबर की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

फिलहाल, मामले में अदालत का अंतिम निर्णय आना बाकी है। आगामी सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि ध्रुव राठी अदालत में पेश होते हैं या नहीं और मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post