इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के बीच भारत में भी LPG सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। मध्यप्रदेश में भी गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों में हड़कंप का माहौल देखने को मिल रहा है।
हालांकि इस बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि राज्य में LPG सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और सरकार आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रशासन एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
उन्होंने कहा,
“ऐसा कुछ नहीं है। प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के मंत्री वर्तमान खाड़ी क्षेत्र के हालात को देखते हुए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राज्य सरकार ने भी एलपीजी और सीएनजी गैस की उपलब्धता को लेकर पर्याप्त प्रबंधन किया है और कालाबाजारी पर रोक लगाई गई है।”
कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई पर असर
इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर भी दिखाई दे रहा है। इसका असर खासतौर पर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ने लगा है।
सप्लाई में बाधा के कारण घरेलू उपभोक्ताओं को भी पहले की तरह गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
25 दिन के अंतराल पर मिलेगी गैस डिलीवरी
राज्य सरकार ने 10 मार्च को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक की थी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार अब रसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी 25 दिन के अंतराल के बाद ही की जाएगी।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रदेश में ईंधन और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की। इस दौरान राज्य के कृषि से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में भावांतर योजना के तहत सरसों खरीदी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही सरकार ने तुअर (अरहर) की फसल की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया।
कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री के अनुसार किसान कल्याण वर्ष के दौरान कृषि से जुड़े विषयों में मध्यप्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करेगी। इसके साथ ही विकसित भारत कार्यक्रम, पीएम आवास योजना, आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
