नई दिल्ली, 9 मार्च 2026।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत के साथ ही भारी गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 2300 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 23,800 के नीचे फिसल गया। बाजार में यह गिरावट पिछले लगभग 10 महीनों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 2,270.48 अंक (करीब 2.86%) गिरकर 76,651.84 पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 690.85 अंक (करीब 2.83%) टूटकर 23,759.60 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे और निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल देखने को मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे वैश्विक बाजारों में भी दबाव बढ़ गया।
1. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि ब्रेंट क्रूड के 115 डॉलर के ऊपर जाने से वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है और तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है।
2. महंगाई बढ़ने की आशंका
तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है। इससे दुनिया भर के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकते हैं, जिससे वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ सकती है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FII) का सेंटीमेंट भी दबाव में आ सकता है।
3. ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत
वैश्विक बाजारों से भी भारतीय बाजार को कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई इंडेक्स 6% से ज्यादा गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी तेज गिरावट के साथ नीचे आया। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में बड़ी गिरावट देखी गई।
4. मजबूत अमेरिकी डॉलर
मजबूत होता अमेरिकी डॉलर भी बाजार के लिए चिंता का कारण बना। यूएस डॉलर इंडेक्स लगभग 100 के करीब पहुंच गया, जबकि भारतीय रुपया कमजोर होकर करीब 92.20 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर के आसपास खुला। इससे खासतौर पर मेटल और ग्लोबल ट्रेड से जुड़े सेक्टरों पर दबाव बढ़ा।
5. इंडिया VIX में तेज उछाल
बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 18% से ज्यादा उछलकर 23.52 पर पहुंच गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट और अनिश्चितता को दिखाता है।
6. सभी सेक्टरों में बिकवाली
बाजार में लगभग सभी सेक्टरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित रहा और इसमें करीब 4.8% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी बैंक इंडेक्स लगभग 3.8%, निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 3.3% और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स लगभग 3% तक गिर गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट के हालात को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
