उत्तर प्रदेश के वृंदावन प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। राष्ट्रपति सुबह करीब 7:45 बजे ‘श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम’ पहुंचीं, जहां उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति लगभग आधे घंटे तक आश्रम में रहीं।
भेंट के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू और प्रेमानंद महाराज के बीच एकांत में वार्तालाप हुआ। सूत्रों के अनुसार, इस चर्चा में अध्यात्म, निस्वार्थ सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श हुआ। राष्ट्रपति ने महाराज के सरल जीवन और उनके आध्यात्मिक विचारों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ विश्व प्रसिद्ध नीब करौरी बाबा आश्रम पहुंचीं। यहां उन्होंने हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में मुख्य पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न कराई गई।
हनुमान मंदिर में दर्शन के पश्चात राष्ट्रपति बाबा नीब करौरी के समाधि स्थल पर भी पहुंचीं। यहां उन्होंने परिक्रमा कर आशीर्वाद लिया। आश्रम प्रशासन की ओर से उन्हें बाबा की फोटो, पटुका और प्रिय ‘कंबल’ भेंट स्वरूप प्रदान किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति ने बाबा की कुटिया और आश्रम के संग्रहालय का भी अवलोकन किया, जहां उन्हें बाबा के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
राष्ट्रपति के इस दौरे के दौरान प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और प्रभारी मंत्री संदीप सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच राष्ट्रपति की यात्रा ने पूरे वृंदावन में भक्ति और उत्साह का माहौल बना दिया।
इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने गुरुवार को इस्कॉन मंदिर (श्री कृष्ण बलराम मंदिर) में दर्शन किए थे। खराब मौसम और बारिश के बावजूद उन्होंने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की और संस्थापक श्रील प्रभुपाद के समाधि स्थल की परिक्रमा की। मंदिर में आयोजित संकीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुति ने राष्ट्रपति को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर में भी दर्शन कर राधा-कृष्ण के युगल विग्रह के समक्ष पूजा की और वहां आयोजित भव्य लेजर शो का अवलोकन किया।
राष्ट्रपति का यह संपूर्ण दौरा आध्यात्मिकता, श्रद्धा और शांति का संदेश देने वाला रहा, जिसे ब्रजवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं ने विशेष सराहना दी।