बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)।
उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं। बाराबंकी जिले के रामनगर तहसील स्थित हेतमापुर गांव में सरयू नदी ने भीषण तबाही मचाई है। उफनती नदी के तेज बहाव और कटान के कारण एक मस्जिद, शिव मंदिर और करीब 10 पक्के मकान जलसमाधि ले चुके हैं। नदी की विकराल धारा अब प्रसिद्ध संत बाबा नारायण दास की तपोस्थली और पशु अस्पताल की ओर तेजी से बढ़ रही है।
रात दो बजे शुरू हुआ तबाही का मंजर
शनिवार शाम तक शांत दिख रही सरयू नदी ने रात करीब 2 बजे अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान की रफ्तार इतनी तेज हुई कि सबसे पहले तटबंध के पास स्थित मस्जिद नदी की तेज धारा में विलीन हो गई। इसके कुछ ही देर बाद पास का शिव मंदिर भी नदी में समा गया।
कटान की ज़द में आने से बाबा नारायण दास की तपोस्थली का निचला लिंटर ढह चुका है। मंदिर और आसपास के इलाके को बचाने के लिए बाढ़ खंड विभाग ने बोल्डर, पत्थर और ईंटों से भरी बोरियां नदी में डलवाईं, लेकिन सरयू का वेग इतना प्रचंड था कि सारा सामान बह गया।
आशियाने बचाने की उम्मीद छूटी, गांव में चीख-पुकार
नदी का रुख आबादी की तरफ होते देख ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घरों को बचाने की कोई उम्मीद न देखकर बेबस ग्रामीण खुद ही अपने पक्के मकानों को हथौड़ों से ढहाने लगे, ताकि गृहस्थी और निर्माण सामग्री का कुछ हिस्सा सुरक्षित निकाला जा सके। बरसों की मेहनत से बने घरों को अपने हाथों से तोड़ते ग्रामीणों के चेहरे पर लाचारी साफ दिख रही थी। पूरे गांव में चीख-पुकार का माहौल बना हुआ है।
पशु अस्पताल खाली कराया गया, प्रशासनिक अमला अलर्ट
सरयू नदी का कटान अब पशु अस्पताल की बाउंड्रीवॉल को लील चुका है और मुख्य भवन पर खतरा मंडरा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल को तुरंत खाली कराकर सारा जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
कटान की सूचना मिलते ही रविवार को एडीएम निरंकार सिंह, एसपी अर्पित विजयवर्गीय, एएसपी विवेक तिवारी और सीएमओ डॉ. रंजन गौतम समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह सुबह से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत व बचाव कार्यों का जायजा ले रहे हैं।
